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छद्म महामारी के आड़ में डब्ल्यूएचओ का विश्वासघाती षड्यन्त्र

कोरोना भ्रष्टाचार उन्मूलन संघर्ष वाहिनी द्वारा भारत सरकार को डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के भ्रष्ट और दुराचारी तंत्र से बाहर निकलने और इसका अंत करने  का आह्वान 

अब तक बहुत से लोग जान ये चुके हैं कि कोविड एजेंडा एक विश्वासघाती षड्यन्त्र है। अभी हाल में ही देश की राजधानी दिल्ली में स्वदेशी सेना के आह्वान पर देश भर से सैकड़ों साथी 23 मार्च 2022 को जंतर मंत्र पर इकट्ठा हुए। पिछले महीने 9 फरवरी को कोविड महा षड्यन्त्र को खत्म कर इसके अपराधी तत्वों को उचित दंड एवं देश के करोड़ों जनता को समुचित न्याय के लिए देश व्यापी कोरोना भ्रष्टाचार उन्मूलन संघर्ष वाहिनी ने प्रधान मंत्री के सलाहकार और स्वास्थ्य, आयुष महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालयों के पर्यवेक्षक अमित खरे को पत्र लिखा था।  देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े ये सभी क्रांतिकारी कार्यकर्ता अपने एवं अपने परिवार के स्वास्थ्य की देखभाल करते हुए अपनी वर्तमान स्थिति का सबसे अच्छा उपयोग कर रहे हैं। हमारे सामूहिक दबाव से केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मास्क (थूथन) जनादेश को वापिस लिया है और हमारे निरंतर दबाव से सुप्रीम कोर्ट में जबरदस्ती टीकाकरण से इनकार किया है। हालांकि हम तब तक चैन से नहीं बैठ सकते जबतक ये टीका के नाम पर जहर देकर बच्चों को बीमार करने और जान से मारने का घिनौना षड्यन्त्र पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता। 

जब “कोविड प्रतिबंधों” में कुछ ढील दी जाती है, तो हम बाहर निकल जाते हैं और कोविड से पहले जीवन का थोड़ा स्वाद लेते हैं। अब हम अपने चेहरे पर थूथन के बिना एक सड़क पर चल सकते हैं या जन यातायात या सुविधा केंद्र का उपयोग कर सकते हैं। इसके साथ अब हम असुरक्षित और दुष्प्रभावी प्रयोगात्मक आनुवंशिक इंजेक्शन लिए बिना अपने अधिकतर कार्य नियमित रूप से कर सकते हैं। भारतीय संघ के कुछ राज्यों को छोड़कर मास्क जनादेश और कोविड प्रतिबंध उठ चुके हैं और उन्हें चोरी छिपे और धोखे से ही दिया जा रहा है। इसके साथ साथ वैश्विक कोविड माफिया के मिलीभगत से भारत के संसद में वे जल्दी ही फिर से इन काले कानूनों को नए तरह से लाने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। 

हमारा चिंतन-मनन एवं इनको निपटने के लिए व्यूह रचना की तैयारी बरकरार है। हम जानते हैं कि एंटनी फौची, बिल गेट्स, डब्ल्यूएचओ के टेड्रोस, वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के कार्ल श्वाब, कनाडा के जस्टिन ट्रूडो, अमेरिका का बाइडेन, नरेंद्र मोदी, फ़्रांस का मकरों, युवल नोह हरारी और अन्य दुष्ट अभी भी जीवित हैं एवं अपने घिनौने षड्यन्त्र को अंजाम देने में सक्रिय  हैं। हम जानते हैं कि ये खलनायक हम सभी को पूर्व नियोजित और सुनियोजित, जहर देने और गुलाम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम पहले से ही दो साल से गुलामों की तरह एक नकली महामारी, झूठे आंकड़ों और भ्रामक पीसीआर परीक्षणों पर रह रहे हैं, जिसकी परिणति घातक जबरन इंजेक्शन के रूप में हुई है। यह सब शापित डब्ल्यूएचओ द्वारा लगाया गया था।

हमारे सभी विवेकशील साथी यह भी जानते हैं कि वास्तव में कुछ ही अच्छे लोग हैं, जो सच बोलने और इस अत्याचार को रोकने के लिए अपना सब कुछ बलिदान कर अपना जान-मालजोखिम में डालते हैं। वे इस वैश्विक कोविड माफिया के कब्जे वाली सरकारों और संस्थानों के खिलाफ खड़े हैं। वे हमारे जीवन के अधिकार सहित हमारे मानवाधिकारों की बहाली के लिए अपने पास मौजूद हर हथियार से लड़ते हैं।

विवेकशील लोगों का एक तबका अभी हाशिये से सारा दृश्य देख रहा है। वे बहादुर सत्यनिष्ठ क्रांतिकारियों की प्रशंसा करते हैं और उनके आभारी हैं। वे आशा और प्रार्थना करते हैं कि उनके चैंपियन जीतेंगे; लेकिन इसमें समस्या है: 

“काम बहुत अच्छा है लेकिन कार्यकर्ता कम हैं।”

देश भर से, हमें अपने जीवन के लिए इस लड़ाई में सफल होने के लिए और अधिक लोगों के सक्रिय होने की आवश्यकता है।

चाहे आप इसे महसूस करें या न करें, इस युद्ध में सब कुछ दांव पर लगा है। यदि आपराधिक कोविड माफिया अपना एजेंडा पूरा करता है, तो हम बहुत ही अंधकारमय युग में प्रवेश करते हैं। कोविड अपराधियों की योजनाओं में हम में से अधिकांश मर रहे हैं और बाकी को संशोधित, माइक्रो-चिप लगाकर गुलाम बनाया जाने की साजिश चल रही है। यही कारण है कि सबसे जागरूक वैज्ञानिक, डॉक्टर, वकील, पत्रकार, कार्यकर्ता और अन्य लोग इस तरह के जोश से लड़ रहे हैं। हम जानते हैं कि सब कुछ दांव पर है। हममें से कोई भी अपने बुनियादी मानवाधिकारों सहित कुछ भी नहीं रख सकता है, अगर हम इस कोविड माफिया के मंसूबों को विफल नहीं करते हैं।

इस धोखाधड़ी के एजेंडे को समझने वाले समाज का एक छोटा प्रतिशत है जो अपने  जीवन को दांव पर लगाकर लड़ रहा है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। इसी पर सबका जीवन निर्भर है। हर भावी जीवन इस पर निर्भर करता है।

क्या करें? कहां से शुरू करें? वर्तमान कार्रवाई क्या है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन को हर हाल में रोकना होगा 

विश्व स्वास्थ्य संगठन,दुष्ट डॉ टेड्रोस के शासन में हमारे खिलाफ इस्तेमाल किया जाने वाला हथियार बन गया है। डब्ल्यूएचओ ने वर्तमान में हमारे जीवन और हमारे राष्ट्रों को किसी मायावी शक्ति से अंकुश में कर रहा है। डब्लूएचओ की “महामारी तैयारी संधि” (WHO Pandemic Preparedness Treaty) पर डॉ रॉब वेर्कर की अंतर्दृष्टि यहां दी गई हैं – अपने शरीर पर प्रत्येक मानव के अधिकार को समाप्त करने की योजना। हम डब्ल्यूएचओ को कैसे रोकते हैं? पहला बड़ा कदम इससे बाहर निकलना और इसका अंत करना है।

हर स्तर पर, हर अधिकार के साथ, हर राजनेता के साथ, और हर चुनाव और संवाद के केंद्र में: हमें डब्ल्यूएचओ से बाहर निकलने पर जोर देना चाहिए। इसमें इस आपराधिक संगठन के लिए सभी फंडिंग को रोकना और हमारे देशों से डब्ल्यूएचओ को खत्म करना शामिल है।

डब्ल्यूएचओ के निदेशक टेड्रोस और अन्य चरम अपराधी हैं। उन्हें रोकने के लिए सबसे पहला और सटीक कदम यह है कि हम सभी देशों में उठ खड़े हों और इस बात पर जोर दें कि हमारा देश अपनी संप्रभुता का प्रयोग करे और डब्ल्यूएचओ से बाहर निकले। डब्ल्यूएचओ के बदमाश कागजी कार्रवाई का दावा करते हुए पेश करेंगे कि हम नहीं कर सकते; हमारे जीवन और हमारे देशों पर व्यापक अधिकार का दावा करना; लेकिन हमें उन्हें बताना चाहिए कि वे किसी भी संधि या अनुबंध को दूर कर सकते हैं जो उन्हें लगता है कि उन्हें हमारे राष्ट्रों और हमारे जीवन पर अधिकार देता है। हम अपनी संप्रभुता की घोषणा करते हैं। हम उनके अधिकार के दावों को खारिज करते हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासभा द्वारा पारित 2007 का मूलनिवासी अधिकार घोषणा पत्र (United Nations Declaration for Rights of Indigenous Peoples 2007) हमें डब्ल्यूएचओ के चंगुल से बाहर निकल अपने मौलिक स्वास्थ्य व्यवस्था एवं न्याय व्यवस्था सहित समग्र राजनीतिक आर्थिक सांस्कृतिक शैक्षणिक व्यवस्था को संरक्षित एवं संवर्धित करने का अधिकार देता है। इसी क्रम में कोरोना महापंचायत आयोजित कर इन दुष्टों को दंडित कर जनता को न्याय दिलाने के लिए कोरोना महापंचायत प्रस्तावना पत्र देखें। : 

आह्वान : इस पत्र का प्रचार करें

यहाँ अध्ययन और प्रचार करने के लिए महत्वपूर्ण संक्षिप्त पत्र है। यह पत्र और इसके भीतर के लिंक वर्तमान कदमों की एक मजबूत समझ प्रदान करते हैं जो डब्ल्यूएचओ मानव जाति पर अपनी पकड़ को पूरा करने के लिए कर रहा है: उनकी तथाकथित “महामारी की तैयारी संधि या समझौता”। कृपया इस दस्तावेज़ को दूर-दूर तक साझा करें। अपने संघीय, और प्रांतीय या राज्य सरकारों के सदस्यों को दुष्ट डब्ल्यूएचओ के बारे में बताने के लिए लिखें। डब्ल्यूएचओ से तत्काल बाहर निकलने और पूरी तरह से बचाव की मांग करें।

(डॉ मार्क ट्रोजज़ी द्वारा प्रकाशित इस पत्र से प्रेरित)

– चंद्र विकाश 
सचेतक 
कोरोना भ्रष्टाचार उन्मूलन संघर्ष वाहिनी
गौ विश्व संसद
ईमेल: gaiasansad@gmail.com
फोन: +91 8595397609
ब्लॉग: chandravikash.wordpress.com